त्रिपिटक अनुवादक दुण्डबहादुर बज्राचार्यसँगपत्रकार कनकमणि दीक्षितसँग भगवान बुद्धको जन्मस्थल लुम्बिनीमाभारतीय पत्रकार तथा लेखक चन्द्रभूषणसँग काठमाडौंमा भेट र फर्केर गएपछिको अनुभूति – “पत्रकार, लेखक और बौद्ध चिंतक-अध्येता Basanta Maharjan के साथ खड़ी दोपहर से ठेठ शाम तक सात घंटे लंबी बातचीत ने दिमाग की चूलें हिला दीं। लेकिन इस दौरान कई ऐसी बातों पर समझ साफ हुईं, जो अन्यथा अंदाजीफिकेशन के झुटपुटे में ही रह जातीं। नेपाली संदर्भ में ही नहीं, समूचे बौद्ध धर्म पर यह मेरा अभी तक का सबसे गहरा, सबसे व्यापक विमर्श था। Usha Titikshu ने न केवल यह फोटो खींची, बल्कि बातचीत को ठेल-ठाल कर ऐसी जगहों तक ले गईं, जहां तक उसे ले जा पाना दो पुरुष पढ़ाकुओं के बूते से बाहर था।”पत्रकार, लेखक एवं नेवार अभियन्ता मल्ल के. सुन्दरको उपन्यास विमोचन पछि हस्ताक्षरको प्रतीक्षाकवि नातिबज्रत्रिभुवन विश्वविद्यालयमा विद्यावारिधीमा दीक्षितहरुसँग